रायपुर नगर निगम ने अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 17 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराई है। यह मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का है, जहां तीन परिवारों पर आरोप है कि उन्होंने कॉलोनी विकास अनुज्ञा और नगर निगम की अनुमति के बिना प्लॉट बेचे। निगम अधिकारियों के अनुसार, इन लोगों ने पावर ऑफ अटॉर्नी या एग्रीमेंट के माध्यम से बिल्डरों और दलालों के साथ मिलकर अवैध प्लाटिंग और बिक्री की।
इस शिकायत को सहायक अभियंता अरविंद राहुल ने थाने में दर्ज कराया। दिलचस्प बात यह है कि 13 महीने पहले तहसीलदार ने पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन लंबे इंतजार के बाद अब जाकर नगर निगम ने कानूनी कदम उठाया है।
यह घटना दर्शाती है कि भूमि मामलों में अनियमितताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। देर से ही सही, लेकिन निगम की इस कार्रवाई से एक स्पष्ट संदेश जाता है कि अवैध कॉलोनी विकास और जमीन की गैर-कानूनी बिक्री पर अब नकेल कसी जाएगी। भविष्य में समय पर कार्रवाई से न केवल कानून व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि शहर के सुनियोजित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
