रायपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक शांताराम का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। शांताराम लंबे समय से संघ के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे।
संघ के लिए छोड़ी बैंक की नौकरी
शांताराम मूल रूप से छत्तीसगढ़ से जुड़े थे। युवा अवस्था में वे बैंक की नौकरी करते थे, लेकिन संघ के कार्य और विचारधारा से प्रेरित होकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन संघ को समर्पित कर दिया। वे संघ के पूर्णकालिक प्रचारक बने और अलग-अलग जिम्मेदारियों को निभाते हुए हजारों युवाओं को राष्ट्रहित के कार्यों के लिए प्रेरित किया।
छत्तीसगढ़ और मध्यभारत में रहा योगदान
शांताराम ने छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के विभिन्न प्रांतों में संगठन को मजबूत करने का कार्य किया। गांव-गांव में शाखाओं के माध्यम से उन्होंने संघ की पकड़ बनाई। स्थानीय स्तर पर सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उनकी भूमिका अहम रही।
अंतिम संस्कार मदकू द्वीप में होगा
संघ परिवार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह 7 से 10 बजे तक अंतिम दर्शन रखे जाएंगे। इसके बाद दोपहर 1 बजे हरिहर क्षेत्र के मदकू द्वीप में उनकी अंत्येष्टि की जाएगी। संघ के वरिष्ठ नेता, स्वयंसेवक और हजारों अनुयायी अंतिम विदाई देंगे।
संघ ने जताया दुख
RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने शांताराम के निधन को संगठन के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। उनका कहना है कि शांताराम का जीवन स्वयंसेवकों के लिए आदर्श है और उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
