April 18, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

“NHM कर्मचारियों का बड़ा ऐलान: कल से जल सत्याग्रह, मंत्रियों के घर तक जाएंगे”

रायपुर:छत्तीसगढ़ में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के 16,000 कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। 20 दिन से चल रहे उनके प्रदर्शन को सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब न मिलने के बाद, कर्मचारियों ने कल से ‘जल सत्याग्रह’ शुरू करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, वे अपनी मांगों को और जोरदार ढंग से उठाने के लिए प्रदेश के हर मंत्री और विधायक के घर पहुंचकर ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे हैं। कर्मचारियों ने पहले ही सामूहिक इस्तीफा सौंपकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है, लेकिन उनकी मांगें अभी तक अनसुनी हैं।

20 दिन का आंदोलन, अब जल सत्याग्रह की बारी

NHM कर्मचारियों का आंदोलन पिछले 20 दिनों से लगातार जारी है। ये कर्मचारी, जिनमें डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन, और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। हालांकि,  उनकी मांगों का विशिष्ट विवरण नहीं दिया गया है, लेकिन अन्य स्रोतों के आधार पर यह माना जा रहा है कि उनकी मांगें नौकरी नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, ग्रेड पे, स्वास्थ्य बीमा, और बेहतर कार्य परिस्थितियों से संबंधित हो सकती हैं।

पिछले कुछ हफ्तों में कर्मचारियों ने विभिन्न तरीकों से अपनी आवाज उठाई, जिसमें धरना-प्रदर्शन और सामूहिक इस्तीफा शामिल है। लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने पर अब वे जल सत्याग्रह जैसे अनूठे और प्रभावी विरोध प्रदर्शन की ओर बढ़ रहे हैं। इस तरह का प्रदर्शन, जिसमें लोग पानी में खड़े होकर अपनी मांगें रखते हैं, पहले भी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में विभिन्न मुद्दों पर देखा गया है, जैसे कि नदी पर पुल निर्माण या बांध विस्थापन के खिलाफ।

मंत्रियों-विधायकों के घर तक पहुंचने की रणनीति

NHM कर्मचारियों ने अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए हर मंत्री और विधायक के घर पहुंचने का फैसला किया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे चुप नहीं बैठेंगे। इस रणनीति के तहत, कर्मचारी संगठित रूप से मंत्रियों और विधायकों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को उनके सामने रखेंगे। यह कदम सरकार पर दबाव बढ़ाने और जनप्रतिनिधियों को सीधे तौर पर इस मुद्दे से जोड़ने की कोशिश है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन उनकी मेहनत का उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिल रहे। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया, लेकिन आज हमारी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। जल सत्याग्रह हमारा आखिरी हथियार है।”

सामूहिक इस्तीफा: दबाव की रणनीति

NHM कर्मचारियों ने पहले ही सामूहिक इस्तीफा सौंपकर सरकार को अपनी नाराजगी का स्पष्ट संदेश दिया है छत्तीसगढ़ में हाल ही में 16,000 NHM कर्मचारियों ने 25 सहकर्मियों की बर्खास्तगी के विरोध में इस्तीफा दे दिया था।

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