छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने एक निर्णायक कार्रवाई की है। इस मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए हैं और शव घटनास्थल से बरामद कर लिए गए हैं। इस दौरान एसएलआर राइफल सहित अन्य हथियार भी जवानों ने कब्जे में लिए हैं। घटना की पुष्टि ज़ी न्यूज़ ने की है।
घटना की पृष्ठभूमि
कांकेर जिले के धमतरी और ओडिशा सीमा के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने सूचना के आधार पर सर्च अभियान छेड़ा। बताया जा रहा है कि कोतवाली क्षेत्र के त्यारपानी जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी। इस सूचना के आधार पर जवानों ने छापेमारी की मुहिम चलाई, लेकिन नक्सलियों ने घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की।
मारे गए नक्सली और इनाम राशि
मारे गए तीनों में प्रमुख नाम श्रवण है, जो सीतानदी एरिया कमेटर का कमांडर था और उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। साथ ही नगरी एरिया कमेटर का डिप्टी कमांडर राजेश (5 लाख का इनाम) और एक महिला नक्सली बसंती (1 लाख का इनाम) भी मारे गए। इस प्रकार, कुल इनाम राशि 14 लाख रुपये थी।
हथियार एवं अन्य सामग्री बरामदगी
जवानों ने घटनास्थल से निम्न हथियार और सामग्री बरामद की:
SLR राइफल
3 नॉट 3 (3 Not 3) राइफल
12 बोर बंदूक
इसके अलावा अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है।
ऑपरेशन की स्थिति और आगे की कार्रवाई
मुठभेड़ के दौरान फायरिंग रुक-रुककर जारी रही। सुरक्षाबल ने मारे गए नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं लेकिन इलाके में अन्य नक्सलियों के छिपे होने की आशंका बनी हुई है। इसलिए सर्चिंग अभियान अब भी जारी है।
महत्त्व एवं विश्लेषण
यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियानों में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है क्योंकि इसमें शीर्ष इनामी कमांडर को मार गिराया गया। इस तरह की कार्रवाई नक्सली नेटवर्क को टूटने के डर से विवश कर सकती है। साथ ही, इन अभियानों से स्थानीय जनता का भरोसा सुरक्षा बलों पर और बढ़ता है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस तरह की निरन्तर सक्रियता यह संकेत देती है कि राज्य और केंद्र सरकारें नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में गंभीर हैं।
