राजधानी रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र स्थित होटल एरिना बुटीक में ठहरी दो उज्बेकिस्तान की युवतियों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस को इन युवतियों की गतिविधियों को लेकर मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद 9 जनवरी 2026 को तेलीबांधा थाना पुलिस ने होटल में दबिश देकर दोनों को हिरासत में लिया था। शुरुआती जांच में उनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जिसके बाद पुलिस ने उनसे पासपोर्ट, वीजा और भारत में रहने से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा।
हालांकि पूछताछ और जांच के दौरान दोनों युवतियां अपने पासपोर्ट, वीजा या अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके चलते पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर रायपुर सेंट्रल जेल परिसर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा। लगभग तीन महीने तक चली जांच और पूछताछ के दौरान भी युवतियों ने अपने संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
पुलिस ने 13 मार्च को मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई आव्रजन और विदेशी विषयक अधिनियम 2025 की धारा 3, 21 और 23 के तहत की गई है। अधिकारियों के अनुसार दोनों युवतियों को बार-बार अवसर देने के बावजूद वे भारत में रहने या यात्रा करने से संबंधित कोई वैध प्रमाण नहीं दे सकीं।
तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि युवतियों को जनवरी में हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर भेजा गया था। अब एफआईआर दर्ज कर उनके देश के दूतावास से संपर्क किया गया है। दूतावास की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों युवतियों को उनके देश उज्बेकिस्तान वापस भेजने की तैयारी की जा रही है।
