छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा, खेल और नगरीय विकास को नई दिशा देने के लिए बड़े पैमाने पर कार्यों की मंजूरी दी गई है। भाजपा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्कूल-शिक्षा मंत्री ने जिले के विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्ग में 70 सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदलने की तैयारी की जा रही है। इनमें से 21 स्कूलों को पहले चरण में मंजूरी मिल चुकी है।
मंत्री ने कहा कि जिले में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 500 सीट की अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। यह लाइब्रेरी शहर के युवाओं के लिए एक बड़ा शैक्षणिक केंद्र साबित होगी।
शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए कई प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है। चंडी मंदिर रोड, जेल तिराहा–मिनी माता चौक फोरलेन, महाराजा चौक–बोरसी चौक फोरलेन, राजेंद्र पार्क–आईएमएम चौक फोरलेन सहित विभिन्न मार्गों के विकास के लिए 1 अरब 5 करोड़ 76 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
दुर्ग में खेल सुविधाओं का भी विस्तार तेजी से हो रहा है। रविशंकर स्टेडियम के पास 144.68 लाख रुपये की लागत से इंडोर बैडमिंटन कोर्ट तैयार किया गया है। 148.68 लाख की लागत से स्विमिंग पूल निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि उरला में 198.39 लाख की लागत से मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य जारी है। BCCI की ओर से रविशंकर स्टेडियम को स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
शहर में बुनियादी सुविधाओं के लिए भी बड़े निवेश किए जा रहे हैं। 1100 से अधिक बिजली पोल, हाई-मास्ट लाइट, सोलर मास्ट और ट्रांसफॉर्मर लगने का काम जारी है। पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए 42 एमएलडी फिल्टर प्लांट उन्नयन तथा RO मशीनों की स्थापना अमृत मिशन के तहत की जा रही है। इन परियोजनाओं पर 188.73 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
दुर्ग निगम क्षेत्र में 116 से अधिक स्थानों पर सड़क और नाला निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। 31 करोड़ 6 लाख की लागत से विभिन्न वार्डों में सड़क निर्माण और 975.56 लाख रुपये की लागत से सिकोला नाला निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि दुर्ग को आईटी हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। IIT भिलाई और राज्य सरकार के बीच IT पार्क स्थापित करने के लिए एमओयू साइन किया गया है। यह पार्क युवाओं को नए रोजगार, स्टार्टअप अवसर और तकनीकी प्रगति का नया केंद्र प्रदान करेगा।
दुर्ग जिला प्रशासन का दावा है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सड़क और शहरी विकास के लिए स्वीकृत करोड़ों की योजनाएं जिले को नए विकास मॉडल की ओर ले जाएंगी।
