छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा में राज्य की जांच एजेंसी ने बड़ी सफलता हासिल की है। स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने गुप्त सूचना के आधार पर छापामार कार्रवाई करते हुए रामा इच्छा नामक नक्सली को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी नक्सलवाद के शहरी नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, रामा इच्छा एसईसीएल (SECL) की कोयला खदान में मजदूर के रूप में कार्यरत था। वह मजदूर संगठनों के माध्यम से नक्सली संगठनों को फंडिंग और सहयोग उपलब्ध करा रहा था। बताया जा रहा है कि कोरबा सहित राज्य के अन्य जिलों में ऐसे कई लोग सक्रिय हैं, जो आम नागरिकों के बीच रहकर नक्सलियों की आर्थिक सहायता करते हैं और उनके विचारों का प्रचार करते हैं।
हाल ही में राजधानी रायपुर से नक्सली दंपति जग्गू कुरसम और कमला कुरसम की गिरफ्तारी के बाद शहरी नक्सली नेटवर्क के कई तार सामने आए थे। दोनों भैरमगढ़ डिवीजनल कमेटी और एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को कई नए नाम मिले, जिनमें रामा इच्छा भी शामिल था।
रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार, नक्सली संगठन अब केवल जंगलों में ही नहीं, बल्कि शहरों में भी अपनी पैठ बना रहे हैं। वे मजदूर संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और फर्जी दस्तावेजों के सहारे शहरी क्षेत्रों में रहकर नक्सली विचारधारा का प्रचार कर रहे हैं।
स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि नक्सली संगठन शहरों में अपने समर्थकों के माध्यम से धन संग्रह कर रहे हैं, जिससे उन्हें ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों को संचालित करने में सहायता मिलती है।
कोरबा में रामा इच्छा की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियों ने नक्सली नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। एजेंसियों का मानना है कि रामा इच्छा से पूछताछ में कई और नाम सामने आ सकते हैं, जो शहरी नक्सली नेटवर्क से जुड़े हैं।
