2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन दुर्ग जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश पांडे द्वारा महात्मा गांधी पर की गई विवादित टिप्पणी ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। आरोप है कि उन्होंने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर “मोहनदास करमचंद गांधी का दोगलापन” जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी साझा की, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गई।
इस घटना के सामने आने के बाद सामाजिक और राजनीतिक संगठनों में गुस्से की लहर फैल गई। लोगों का कहना है कि राष्ट्रपिता के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी न केवल असंवेदनशील है, बल्कि यह संविधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी उल्लंघन है।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि महात्मा गांधी न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहिंसा और सत्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुष के प्रति अपमानजनक शब्द कहना अस्वीकार्य है और सरकार को इस मामले में तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं कांग्रेस ने भी इस प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी पद पर रहते हुए इस तरह की टिप्पणी करना अत्यंत अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल प्रभाव से सीईओ पर कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। साथ ही, कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की और कलेक्टर को भी शिकायत सौंपी है।
सामाजिक संगठनों ने भी इस टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार के समान है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर उदाहरण पेश किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की अनुचित टिप्पणी करने से पहले सोचे।
अब सभी की निगाहें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या सीईओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही होती है या नहीं।
