सूरजपुर, 4 अक्टूबर 2025। महंगवां क्षेत्र की रहने वाली महिला सरिता राजवाड़े ने अपने पति द्वारा लगातार की जा रही मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की शिकायतें कोतवाली थाने में बार-बार दीं, लेकिन पुलिस ने हर बार उसे “घरेलू विवाद” बताकर मामला टाल दिया।
घटना के अनुसार, शनिवार देर शाम सरिता के पति ने एक बार फिर उसके साथ मारपीट की। शोर सुनकर सरिता के दोनों भाई मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने लगे। इस पर पति ने गुस्से में आकर थाने जाकर भाइयों पर हमले और मारपीट का झूठा आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करा दी।
आश्चर्यजनक रूप से पुलिस ने पति की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सरिता के दोनों भाइयों को थाने बुला लिया, जबकि सरिता की पिछली शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जब सरिता को इस बात की जानकारी मिली तो वह खुद कोतवाली पहुंची और भाइयों को छोड़ने की गुहार लगाई।
लेकिन सरिता का आरोप है कि थाने पहुंचने पर थाना प्रभारी विमलेश दुबे ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, अपशब्द कहे और मारपीट की धमकी दी। सरिता ने बताया कि, “मैं अपनी शिकायत लेकर गई थी, लेकिन मुझे अपराधी की तरह डांटा गया। थाना प्रभारी ने कहा कि ज्यादा बोली तो जेल भेज दूंगा।”
घटना के समय थाने में मौजूद कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने भी पुलिस के रवैये का विरोध करते हुए कहा कि यह व्यवहार एकतरफा, अमर्यादित और पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सरिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस उसके पति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि उल्टा उसके परिवार पर झूठे मामले दर्ज कर रही है। उसने जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
