छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शासन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में पीएम श्री विद्यालय, इग्नाइट विद्यालय, सेजर्स विद्यालय और मुख्यमंत्री डीपीवी विद्यालयों को निर्धारित मानकों के अनुरूप मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करें।
इसके लिए प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी को सत्र 2025-26, 2026-27 और 2027-28 के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इस कार्ययोजना में हर वर्ष की प्राथमिकताएं, विद्यालयवार आवश्यक भौतिक संसाधन, अधोसंरचना विकास, और शैक्षणिक सुधार के ठोस कदम शामिल करने होंगे।
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी जिलों को अपनी विस्तृत कार्ययोजना और आवश्यक अधोसंरचना का प्रस्ताव 10 दिनों के भीतर संभागीय संयुक्त संचालक के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग को भेजना अनिवार्य होगा।
इस पहल का उद्देश्य राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाना, विद्यालयों में अनुशासन, स्वच्छता, नवाचार और गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा देना है ताकि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।
