छत्तीसगढ़ राज्य के सक्ती जिले में स्थित आरकेएफएम पावर प्लांट में एक भीषण हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। मंगलवार देर रात बॉयलर मेंटेनेंस का कार्य चल रहा था, इसी दौरान मजदूरों को एक लिफ्ट के माध्यम से ऊँचाई पर भेजा जा रहा था। लिफ्ट को लगभग 80 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचना था, लेकिन ऊपर पहुँचते ही उसका संतुलन अचानक बिगड़ गया और वह नीचे गिर पड़ी। इस हृदयविदारक दुर्घटना में तीन मजदूरों की जान चली गई, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सात अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जिनका उपचार जारी है।
इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में मजदूर और उनके परिजन प्लांट गेट के बाहर जमा होकर प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाने लगे। उनका कहना था कि लिफ्ट की नियमित जांच और रखरखाव लंबे समय से नहीं किया गया था, जिसके कारण यह तकनीकी खराबी हुई। प्रारंभिक जांच में भी यह बात सामने आई है कि लिफ्ट की मेंटेनेंस में लापरवाही बरती गई थी।
मामले की सूचना मिलते ही डभरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए हैं।
स्थानीय मजदूर संगठन ने इस दुर्घटना को प्लांट प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था और मजदूरों की जान की परवाह किए बिना कार्य कराया जा रहा था। हादसे के बाद मजदूरों में गहरा आक्रोश देखने को मिला।
यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल उठाती है। अगर समय पर तकनीकी जांच और रखरखाव किया जाता तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था। प्रशासन और प्रबंधन के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है कि सुरक्षा उपायों में किसी भी प्रकार की ढिलाई मजदूरों की जान पर भारी पड़ सकती है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार यह हादसा लिफ्ट में आई तकनीकी खराबी के कारण हुआ है। अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।
