छत्तीसगढ़ के कवर्धा (जिला कबीरधाम) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ एक परिवार की खुशियों को तबाह कर दिया, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह घटना कवर्धा जिला अस्पताल की है, जहां रूटीन टीकाकरण के बाद महज आधे घंटे में एक नवजात की मौत हो गई
घटना का पूरा विवरण:
शादी के सात साल बाद एक दंपत्ति के घर पहला बच्चा जन्मा था। तीन दिन पहले जिला अस्पताल, कवर्धा में महिला ने सिजेरियन डिलीवरी के माध्यम से एक स्वस्थ नवजात को जन्म दिया था। परिजन बेहद खुश थे, क्योंकि यह बच्चा वर्षों की प्रतीक्षा के बाद मिला था। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं पाई।
सोमवार की सुबह, अस्पताल की नियमित प्रक्रिया के तहत बच्चे को टीका लगाया गया। यह टीका हेक्सावैलेंट और ओपीवी (पोलियो) जैसे रूटीन वैक्सीनेशन का हिस्सा था। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। उसकी गतिविधियाँ रुक गईं, शरीर नीला पड़ने लगा और वह एकदम शांत हो गया।
परिजन घबरा गए और उन्होंने तुरंत डॉक्टरों को सूचना दी। नवजात को SNCU (Special Newborn Care Unit) में भर्ती किया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद लगभग अढ़ाई घंटे बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।
