बिलासपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एसीबी (Anti Corruption Bureau) की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ एक बाबू को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी बाबू पर आरोप है कि उसने यह रिश्वत अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत राशि जारी करने के एवज में मांगी थी।
मामला उस समय सामने आया जब एक युवक ने अंतरजातीय विवाह के बाद योजना के तहत सरकारी प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद जब वह संबंधित विभाग पहुंचा, तो पदस्थ बाबू ने दो लाख पचास हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी करने के नाम पर उससे 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। युवक ने तुरंत इसकी शिकायत एसीबी बिलासपुर यूनिट को दी।
एसीबी टीम ने शिकायत की जांच कर ट्रैप योजना तैयार की और तय समय पर युवक को रिश्वत की राशि आरोपी बाबू को देने भेजा। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।
फिलहाल आरोपी बाबू से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है।
