September 6, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

HIV पॉजिटिव मां का नाम पोस्टर पर लिखने से मचा हड़कंप: हाईकोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी, कहा- मानवीय गरिमा पर सीधा प्रहार

डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, रायपुर में एक संवेदनशील मामले को लेकर पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अस्पताल में नवजात शिशु के पास लगाए गए एक पोस्टर में यह खुलासा कर दिया गया कि बच्चे की मां HIV पॉजिटिव है। इस असंवेदनशील हरकत ने न सिर्फ परिवार को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया बल्कि मरीज की गोपनीयता को भी गंभीर रूप से ठेस पहुंचाई।

जब नवजात का पिता बच्चे को देखने अस्पताल पहुंचा, तो पोस्टर देखकर वह फफक पड़ा और भावुक हो गया। इस घटना ने मीडिया में जोरदार हलचल मचा दी। मामला सामने आते ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की। चीफ जस्टिस ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को “अत्यंत अमानवीय, असंवेदनशील और निंदनीय” करार दिया।

कोर्ट ने कहा कि इस तरह की हरकत किसी भी व्यक्ति की गरिमा और अधिकारों का खुला उल्लंघन है। इससे मां और बच्चे को भविष्य में भेदभाव और सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ सकता है। अदालत ने भारत का संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं जीवन और सम्मान के मौलिक अधिकार पर सीधा हमला हैं।

हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को 15 अक्टूबर 2025 तक व्यक्तिगत शपथपत्र देने के निर्देश दिए हैं, जिसमें यह बताना होगा कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ को संवेदनशील बनाने की योजना पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

अदालत ने सख्त लहजे में कहा — “ऐसी घटना दोबारा न हो। यह न केवल कानूनी अपराध है बल्कि मानवीय मूल्यों और गरिमा पर गहरा प्रहार भी है।” यह मामला स्वास्थ्य तंत्र में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की कमी की ओर इशारा करता है, जिसे सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

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