जम्मू–कश्मीर में आतंकी घुसपैठ की आशंकाओं के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता और कड़ी कर दी है। श्रीनगर से लेकर जम्मू तक के संवेदनशील इलाकों में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत करीब 80 से अधिक गांवों में घर-घर तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा बलों का यह संयुक्त ऑपरेशन सीमा पार से संभावित घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने पर केंद्रित है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हाल ही में मिले इनपुट में संकेत मिले थे कि आतंकी संगठन घने कोहरे, सर्द मौसम और दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर घुसपैठ का प्रयास कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना, बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने समन्वय के साथ तलाशी अभियान शुरू किया है। यह ऑपरेशन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा।
बीएसएफ अधिकारियों का दावा है कि बीते महीने यह जानकारी सामने आई थी कि नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास करीब 72 आतंकी लॉन्च पैड सक्रिय किए गए हैं। इनमें से कुछ लॉन्च पैड सियालकोट और जम्मू सेक्टर से सटे इलाकों में बताए गए हैं, जबकि अन्य एलओसी के पास सक्रिय होने की बात कही गई है। इसके बाद सीमा पर निगरानी और चौकसी और बढ़ा दी गई है।
जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर, परसर, मणियारी, पहाड़पुर, तप्पन, मरीड़, तरनाह नाला, बैन नाला और किशनपुर कांडी सहित कई गांवों में सघन तलाशी ली जा रही है। वहीं सांबा, कठुआ और राजौरी जैसे सीमावर्ती जिलों में भी जवान घर-घर जाकर जांच कर रहे हैं। अमीराकदल, महाराजा बाजार जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में एंटी-सैबोटाज चेकिंग के साथ मेटल डिटेक्टर और स्निफर डॉग की मदद ली जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में मजालता के जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन को और विस्तार दिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, दो आतंकियों के एक घर से खाना लेकर पास के जंगलों की ओर भागने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
गणतंत्र दिवस को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। श्रीनगर के लाल चौक सहित संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। एंटी-सेबोटाज जांच और लगातार निगरानी के जरिए किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय करने की कोशिश की जा रही है।
