छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पर गहरा असर डाला है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली किरंदुल-कोतावालसा रेल लाइन पर भूस्खलन के कारण बड़ा हादसा टल गया। पहाड़ों से गिरी चट्टानों के विशाल टुकड़े रेल की पटरियों पर आ गिरे, जिससे रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। सुरक्षा की दृष्टि से किरंदुल-विशाखापट्टनम ट्रेन समेत इस मार्ग की सभी ट्रेनों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।
रेलवे विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन सुबह करीब 4 बजे ट्याडा और चिपुरुपल्ली स्टेशन के बीच हुआ। घटना के समय एक मालगाड़ी बीच रास्ते में ही फंस गई। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचे और रास्ता साफ करने का काम शुरू किया। लेकिन पटरियों पर पड़े चट्टानों के मलबे को हटाने में समय लग सकता है, इसलिए फिलहाल पूरे मार्ग पर ट्रेन सेवाएं बंद रखी गई हैं।
इसी बीच, मौसम विभाग ने दंतेवाड़ा, बस्तर और सुकमा जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और आंधी चलने की चेतावनी जारी की है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दीपावली के दिन भी बारिश हो सकती है, जिससे त्योहार की तैयारियों और बाजारों में रौनक पर असर पड़ सकता है।
इस स्थिति से न केवल रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं बल्कि आम नागरिकों की आवाजाही और त्योहारों की तैयारियों में भी बाधा आ रही है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
