प्रदेश की जेलों में कैदियों से अवैध वसूली के मामलों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी के तहत Ambikapur Central Jail में तैनात चार जेल प्रहरियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक महिला की शिकायत के बाद की गई, जिसमें उसने बताया था कि उसके पति को मामूली सुविधाओं के लिए भी पैसे देने पर मजबूर किया जा रहा था। महिला ने करीब 70 से 80 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने के प्रमाण भी जांच अधिकारियों को सौंपे थे।
जांच में यह आरोप सही साबित हुआ कि जेल प्रहरी कैदियों से ऑनलाइन माध्यम से अवैध धन उगाही कर रहे थे। इसके बाद चारों प्रहरियों — निलेश केरकेट्टा, लोकेश टोप्पो, ललईराम और चंद्र प्रकाश — को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
सरकार ने अब कार्रवाई का दायरा और बढ़ाते हुए Raipur Central Jail के सहायक अधीक्षक संदीप कश्यप के खिलाफ भी बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन पर पहले भी विशेष सुविधाएं देने और जेल के अंदर अनुशासनहीनता को नजरअंदाज करने के आरोप लग चुके हैं।
यह पूरा मामला जेलों में फैले भ्रष्टाचार की गंभीरता को दर्शाता है। सरकार का यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अब प्रदेश की अन्य जेलों में भी सख्त निगरानी और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
