रायपुर : रजिस्ट्री की गाइडलाइन में किए गए बड़े बदलावों का असर अब जमीन-मकान के कारोबार में साफ दिखाई देने लगा है। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और नियमबद्ध बनाया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि पहले जहां रजिस्ट्री के दौरान एजेंटों और दलालों की मजबूत पकड़ रहती थी, अब उनकी भूमिका काफी हद तक सीमित हो गई है।
नई गाइडलाइन के कारण खरीदार और विक्रेता सीधे रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल हो पा रहे हैं। दस्तावेजों का सत्यापन आसान होने और गाइडलाइन रेट स्पष्ट होने से अंडर-वैल्यूएशन और मनमानी दरों पर लगाम लगी है। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा है और प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त में तेजी आई है।
बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए भी नई व्यवस्था फायदेमंद साबित हो रही है। स्पष्ट रजिस्ट्री और सही वैल्यूएशन के कारण अब प्रॉपर्टी पर होम लोन और अन्य लोन पहले की तुलना में अधिक और आसानी से मिल रहे हैं। इससे मध्यम वर्ग के खरीदारों को राहत मिली है और रियल एस्टेट बाजार में मांग बढ़ी है।
कुल मिलाकर, रजिस्ट्री गाइडलाइन में बदलाव से जहां एक ओर सिस्टम में पारदर्शिता आई है, वहीं दूसरी ओर कारोबार को नई गति मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इसका सकारात्मक असर प्रॉपर्टी बाजार और सरकारी राजस्व दोनों पर पड़ेगा।
