छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की मुख्य परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए अब जिला प्रशासन रायपुर की ओर से विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ के तहत यह निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य युवाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और संवाद कौशल को निखारना है।
यह प्रशिक्षण 15 नवंबर तक नेतृत्त्व साधना केंद्र, पुराना योग भवन, फुंडहर, रायपुर में संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का पहला सत्र 8 नवंबर को आयोजित किया गया था, जबकि नियमित मॉक इंटरव्यू सत्र प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से हो रहे हैं। अभ्यर्थियों की बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों के दो अलग-अलग पैनल गठित किए गए हैं, जो प्रत्येक उम्मीदवार का विस्तृत मूल्यांकन कर रहे हैं।
CGPSC ने इस बार पहली बार ‘फेसलेस इंटरव्यू प्रणाली’ लागू की है। इस प्रणाली के तहत पैनल सदस्यों को उम्मीदवार की केवल शैक्षणिक योग्यता और शौक की जानकारी दी जाती है, जबकि उसकी व्यक्तिगत जानकारी गुप्त रखी जाती है। इसका उद्देश्य साक्षात्कार प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
11 नवंबर को आयोजित सत्र में 12 अभ्यर्थियों का मॉक इंटरव्यू लिया गया, जहां प्रत्येक प्रतिभागी से 25 से 30 मिनट तक सवाल पूछे गए। पैनल ने अभ्यर्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने और साक्षात्कार की स्थिति से सहज होने के लिए उपयोगी सुझाव दिए।
पहले पैनल में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के साथ सीईओ जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन, जॉइंट कलेक्टर के.एम. अग्रवाल, सेवानिवृत्त उपसंचालक संस्कृति विभाग राहुल सिंह और असिस्टेंट प्रोफेसर भूपाल सिंह शामिल हैं। वहीं, दूसरे पैनल में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, नीति आयोग के सदस्य जवाहर सुरेश्टी, वित्त विभाग के संयुक्त संचालक बी.के. नायक, उपयुक्त राज्य कर विभाग आभाष ठाकुर और जिला रोजगार अधिकारी केदार पटेल अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।
‘प्रोजेक्ट अनुभव’ के इस प्रशिक्षण से न केवल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी में मदद मिल रही है, बल्कि यह उन्हें आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और व्यवहारिक कौशल के नए स्तर तक पहुँचने का अवसर भी प्रदान कर रहा है। यह पहल युवाओं के उज्जवल भविष्य की दिशा में जिला प्रशासन का एक सराहनीय कदम साबित हो रही है।
