यह कार्यक्रम भवना बोहरा (बीजेपी विधायक) द्वारा आयोजित किया गया था, जो कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं।
स्थान: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के नेउर-गांव सहित वनांचल क्षेत्र के गांवों में।
कार्यक्रम में 41 परिवारों के कुल लगभग 125 लोग (जिनमें से लगभग 115 लोगों के पैर धोए गए) शामिल थे।
विधायक ने कहा कि इन लोगों ने स्वेच्छा से अपने मूल धर्म और संस्कृति में लौटने का निर्णय लिया है और यह अभियान जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्होंने अपनी संस्कृति में नहीं लौटे, तो आने वाली पीढ़ी को आदिवासी समाज का व्यापक और समृद्ध इतिहास नहीं बता पाएगी।
उन्होंने यह आरोप लगाया कि लोगों को पहले लालच और दबाव के चलते धर्म परिवर्तन के मार्ग पर ले जाया गया था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है।
