22.6 C
Raipur
October 22, 2026
The Defence
देश विदेशबड़ी खबर

इज़राइल ले जाएगा भारत के 5800 मेनाशे यहूदियों को: रब्बियों की हाई-लेवल टीम करेगी धार्मिक पहचान की जांच

इज़राइल ने भारत के मेनाशे समुदाय के 5800 सदस्यों को बसाने का किया फैसला

इज़राइल सरकार ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में रहने वाले ब्नेई मेनाशे समुदाय के लगभग 5800 सदस्यों को अगले पाँच वर्षों में इज़राइल ले जाकर वहां बसाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह निर्णय ज्यूइश एजेंसी फॉर इज़राइल की सिफारिशों के बाद लिया गया है।वर्तमान में लगभग 2500 मेनाशे यहूदी पहले से इज़राइल में रह रहे हैं, जिनमें युवा बड़ी संख्या में इज़राइली सेना में भी सेवा दे रहे हैं।

सबसे बड़ी रब्बी टीम भारत आएगी; गांव-गांव जाकर धार्मिक पहचान की जांच

इज़राइल सरकार के फैसले के बाद यहूदियों के शीर्ष धर्मगुरुओं (रब्बियों) की अब तक की सबसे बड़ी आधिकारिक धार्मिक जांच टीम भारत भेजी जा रही है।यह टीम—जिसमें वरिष्ठ रब्बी और यहूदी धार्मिक कानून (हलाखा) के विशेषज्ञ शामिल होंगे—पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न गांवों में जाकर समुदाय की: धार्मिक परंपराओं जीवनशैली यहूदी रिवाजों से साम्य और पारिवारिक इतिहास की जांच करेगी।

हर परिवार का व्यक्तिगत धार्मिक इंटरव्यू होगा, और यह तय किया जाएगा कि कौन-कौन सदस्य यहूदी धार्मिक मानकों को पूरा करते हैं ।

धार्मिक पहचान के बाद कन्वर्ज़न क्लासेज़ और डॉक्यूमेंटेशन

जांच पूरी होने के बाद योग्य पाए गए लोगों के लिए: कन्वर्ज़न क्लासेज़ धार्मिक प्रक्रिया की औपचारिकताएँ आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करना

और इज़राइल भेजने की अंतिम तैयारी कराई जाएगी। पूरे अभियान की देखरेख: चीफ़ रब्बीनेट, कन्वर्ज़न अथॉरिटी, इमिग्रेशन एवं पॉपुलेशन अथॉरिटी, और ज्यूइश एजेंसी द्वारा की जाएगी।

इज़राइल सरकार ने 90 मिलियन शेकेल का बजट मंजूर किया

इस पूरे पुनर्वास कार्यक्रम के लिए इज़राइल सरकार ने लगभग 90 मिलियन शेकेल (लगभग 240 करोड़ रुपये) का बजट स्वीकृत किया है।

साथ ही, जिन 1200 लोगों के परिजन पहले से इज़राइल में रह रहे हैं, उन्हें वर्ष 2026 तक प्राथमिकता के साथ इज़राइल ले जाने की मंजूरी दे दी गई है।

पृष्ठभूमि: 2005 में मिली थी यहूदी मूल की मान्यता

साल 2005 में इज़राइल के धार्मिक प्रमुख रब्बी शलोमो अमार ने मेनाशे समुदाय को प्राचीन यहूदी मूल का माना था। तब से यह समुदाय धीरे-धीरे इज़राइल में बसता आ रहा है।अब सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक पूरी समुदाय को इज़राइल में पुनर्स्थापित कर दिया जाए।

Related posts

रायपुर समेत कई राज्यों में हजारों उपभोक्ता अलर्ट पर, ई-केवाईसी नहीं तो नहीं मिलेगा सिलेंडर

admin

रीवा में आवारा कुत्तों का आतंक: जिंदा बछिया को नोच-नोचकर खत्म किया

admin

जस्टिस वर्मा पर महाभियोग की तैयारी तेज: रिजिजू ने दलों से संवाद शुरू किया, जांच में साबित हुआ दोष

admin

Leave a Comment