रायपुर।छत्तीसगढ़ में शहरी परिवहन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो ट्रेन चलाने के प्रस्ताव को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने हेतु 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह मेट्रो परियोजना प्रस्तावित स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के तहत विकसित की जाएगी, जिसमें रायपुर, दुर्ग और भिलाई को एकीकृत शहरी क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, DPR के माध्यम से मेट्रो के संभावित रूट, स्टेशनों की संख्या, अनुमानित लागत, यात्री क्षमता, तकनीकी ढांचा और आर्थिक व्यवहार्यता का गहन अध्ययन किया जाएगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही परियोजना के निर्माण और संचालन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
SCR मॉडल पर होगा विकास
राज्य सरकार SCR को दिल्ली-NCR की तर्ज पर विकसित करना चाहती है, ताकि राजधानी और आसपास के औद्योगिक शहरों के बीच संतुलित और नियोजित विकास संभव हो सके। मेट्रो रेल को SCR की रीढ़ माना जा रहा है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करेगी।
ट्रैफिक और प्रदूषण से राहत
रायपुर–भिलाई–दुर्ग कॉरिडोर में रोज़ाना हजारों लोग आवागमन करते हैं। मौजूदा समय में सड़क मार्ग पर भारी ट्रैफिक, जाम और बढ़ते प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। मेट्रो शुरू होने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
आर्थिक और सामाजिक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो परियोजना से क्षेत्र में रियल एस्टेट, उद्योग और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक शहर भिलाई और व्यापारिक केंद्र दुर्ग को राजधानी रायपुर से सीधा और तेज कनेक्शन मिलने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
DPR तैयार होने में लगभग 6 से 9 महीने का समय लग सकता है। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर वित्तीय मॉडल, संभावित सहयोग और निर्माण एजेंसी को लेकर निर्णय लिया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ को आधुनिक शहरी परिवहन के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाएगी।
