गोवा के आरपोरा इलाके में शनिवारी देर रात एक नाइट क्लब में हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे राज्य को दहला दिया। आधी रात करीब 12 बजे हुए इस धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे क्लब को अपनी चपेट में ले लिया। अंदर मौजूद कर्मचारियों और पर्यटकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना के बाद मौके पर पहुंचीं फायर ब्रिगेड की टीमों ने काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पुलिस के अनुसार, हादसे में कुल 25 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 4 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। मरने वालों में अधिकांश क्लब के कर्मचारी बताए जा रहे हैं। कई शव बुरी तरह झुलसे हुए मिले, जबकि कई लोगों की मौत दम घुटने से हुई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि किचन एरिया से आग फैलकर क्लब के अन्य हिस्सों तक पहुंची और लोग बाहर निकलने की कोशिश में फंस गए। दो लोग सीढ़ियों पर भागते समय आग और धुएं की चपेट में आकर मारे गए।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो मौके पर पहुंचे। सीएम ने बताया कि कुछ मृतकों की पहचान कर ली गई है, जबकि 7 शवों की पहचान अभी बाकी है। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे गोवा के लिए “बेहद दर्दनाक दिन” बताया। सीएम सावंत ने तुरंत जांच के आदेश दिए और कहा कि जो भी इस हादसे के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्लब में फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया गया था। फायर एग्जिट सही स्थिति में नहीं था, और गैस सिलेंडरों की सुरक्षा जांच भी लंबे समय से नहीं हुई थी। डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि सबसे ज्यादा शव किचन से बरामद हुए, जहां से आग शुरू हुई थी। फॉरेंसिक (FSL) टीम भी मौके पर मौजूद है और आग लगने की वास्तविक वजह की गहन जांच कर रही है।
इस बीच, बीजेपी विधायक माइकल लोबो ने पूरे राज्य के सभी क्लबों का सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गोवा को हमेशा सुरक्षित पर्यटन स्थल माना जाता है, लेकिन यह घटना बेहद चिंताजनक है और आगे ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम जरूरी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे में ज्यादातर लोग बेसमेंट की ओर भागते समय दम घुटने से मारे गए, क्योंकि वहां निकासी का उचित प्रबंधन नहीं था।
राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि लापरवाही किसी भी स्तर की हो, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई निश्चित है।
