रायपुर में हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी के बाद मामला उग्र होता जा रहा है। राजपूत करणी सेना ने तोमर के समर्थन में बड़ा प्रदर्शन किया और पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तोमर का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालकर प्रताड़ित किया, नंगे पैर घुमाया, हथकड़ी लगाकर मीडिया कवरेज कराया और उनकी पत्नी, माता, बेटी तथा परिवार की महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई।
कस्टोडियल एक्सेस का आरोप, SSP को पदमुक्त करने की मांग
शेखावत ने कहा कि रायपुर SSP लाल उमेद सिंह की देखरेख में तोमर के साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न हुआ। उन्होंने इसे कस्टोडियल एक्सेस और प्रशासनिक लापरवाही बताया और SSP को तत्काल पदमुक्त करने की मांग उठाई।
आठ मांगें रखीं, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
करणी सेना ने 8 प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं, जिनमें TI-कश्यप के निलंबन व FIR, CSP पर कार्रवाई, तोमर परिवार के मानसिक-आर्थिक नुकसान की भरपाई, करणी सेना पदाधिकारियों पर दर्ज मामलों की वापसी और स्वतंत्र जांच टीम का गठन शामिल है।
शेखावत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो करणी सेना सड़क पर उतरेगी और गृह मंत्री के बंगले का घेराव करेगी।
महापंचायत और प्रदर्शन का घटनाक्रम
महापंचायत के दौरान राज शेखावत, तोमर की पत्नी सहित 10 लोग इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी पहुंचे और गृह मंत्री विजय शर्मा से मिलने की मांग की। मुलाकात न होने पर वे वहीं धरने पर बैठ गए। शेखावत ने उसी समय ‘अन्न-जल त्याग’ की घोषणा कर दी।
कुछ देर बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुँची। ADM यू एस बांदे ने बताया कि करणी सेना की 8 मांगों पर विचार हेतु 15 दिनों का समय लिया गया है। शेखावत ने कहा कि करणी सेना ने प्रशासन को 30 दिन का समय दिया है और न्याय मिलने की उम्मीद पर प्रदर्शन समाप्त किया जा रहा है।
ASP–ADM के साथ हाई लेवल मीटिंग
इसके बाद ASP लखन पटले, ADM बांदे और कई थानों के TI के साथ लगभग घंटेभर हाई-लेवल बैठक चली। बैठक के बाद करणी सेना ने धरना समाप्त करने का निर्णय किया।
यदि 30 दिन में निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन फिर तेज होगा
राज शेखावत ने कहा कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो वह गृह मंत्री के बंगले का घेराव करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि करणी सेना ने राजनीतिक दवाब और आधारहीन FIR को तुरंत निरस्त करने की भी मांग की है।
राजनीतिक चेतावनी भी दी
हरियाणा के ओंकेद्र सिंह राणा ने कहा कि जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकार है, यदि हमारी माताओं-बहनों का सम्मान नहीं किया गया तो हम वोट की चोट देंगे। उन्होंने कहा—“हमें छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं। कमल का फूल, हमारी भूल—जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।”
