राज्य शासन ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और दक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए घोषणा की है कि 1 जनवरी 2026 से छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय कार्यालय पूर्णतः ई-ऑफिस मोड पर संचालित होंगे। सरकार ने आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि 31 दिसंबर 2025 के बाद किसी भी स्तर पर फिजिकल फाइल या नोटशीट का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब फाइल मूवमेंट से लेकर अंतिम निर्णय प्रक्रिया तक हर गतिविधि डिजिटल माध्यम से ही की जाएगी। इससे न केवल कार्यप्रणाली तेज होगी बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
आदेश की प्रमुख बातें
1 जनवरी 2026 से सभी कार्यालयों में नस्ती और डाक का कार्य केवल ई-ऑफिस पर ही होगा।विभागाध्यक्ष की अनुमति के बिना किसी भी परिस्थिति में फिजिकल फाइल चलाना पूरी तरह निषिद्ध रहेगा।
शासन स्तर पर भेजे जाने वाले सभी प्रस्ताव ई-ऑफिस फाइल के माध्यम से ही भेजे जाएंगे। सभी प्रकार का सूचना आदान-प्रदान, पत्राचार और रसीद भी ई-ऑफिस पर ही दर्ज होगी।
अधिकारी अपने शासकीय प्रवास के दौरान भी ई-ऑफिस के माध्यम से काम निपटा सकेंगे। आवश्यकतानुसार छुट्टियों के दिनों में भी डिजिटल मोड से कार्य निपटाना संभव होगा।
सरकार ने दस्तावेजों को डिजिटल फॉर्म में तैयार करने का निर्देश देते हुए प्रिंट-स्कैन आधारित प्रक्रियाओं को भी हतोत्साहित किया है।
डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा
राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस को नई गति प्रदान करेगा। इससे फाइलों की गति बढ़ेगी, अनावश्यक विलंब समाप्त होगा और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। मंत्रालय और विभागाध्यक्षों के कार्यालयों में ई-ऑफिस पहले से लागू है, लेकिन कई विभाग अभी भी फिजिकल फाइलों का उपयोग कर रहे थे। नए आदेश के बाद इस प्रथा पर पूर्ण विराम लग जाएगा।
सख्त निर्देश
GAD ने सभी विभागाध्यक्षों, कमिश्नरों और कलेक्टरों को पत्र लिखकर यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में फिजिकल फाइल का उपयोग न किया जाए। यदि आवश्यकता पड़ी तो डिजिटल सिस्टम को मजबूती देने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
