दुर्ग जिले में धान खरीदी व्यवस्था की गड़बड़ियों के खिलाफ शुक्रवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर अभिजीत सिंह से मिला और उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि धान खरीदी केंद्रों में टोकन उपलब्ध न होने, परिवहन बाधित होने और धान उठाव बंद रहने से भारी अव्यवस्था पैदा हो गई है, जिसके कारण किसानों की उपज बिक नहीं हो पापा रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान का भय सताने लगा है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को बताया कि खरीदी केंद्रों में सुबह से लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन किसान न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन किसी माध्यम से टोकन प्राप्त कर पा रहे हैं। धान का उठाव बंद होने से खरीदी केंद्रों में जगह की भारी कमी हो गई है, जिससे जाम की स्थिति बन रही है और कई किसान अपनी उपज लेकर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
टोकन लिमिट बढ़ाने की मांग
कांग्रेस ने तत्काल टोकन लिमिट बढ़ाने और धान परिवहन को नियमित करने की मांग करते हुए कहा कि यदि 15 दिसंबर तक टोकन लिमिट नहीं बढ़ाई जाती और परिवहन व्यवस्था सुचारू नहीं होती, तो 17 दिसंबर को जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में तालाबंदी की जाएगी।
ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि किसानों को हो रही परेशानी समय रहते दूर नहीं की गई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।
अव्यवस्था के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि मौजूदा अव्यवस्था के लिए पूरी तरह से प्रशासन और सरकार जिम्मेदार है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर किसानों को परेशान कर रही है और खरीदी प्रक्रिया को धीमा करके किसानों की उपज खरीदने से बचने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ऐसी स्थिति कभी नहीं बनी थी। राकेश ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस किसानों के साथ बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
