रायगढ़ जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जिसमें एक ईंट प्लांट में कार्यरत युवती के साथ उसके ही सुपरवाइजर द्वारा दुष्कर्म किए जाने का मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि आरोपी ने विश्वास का फायदा उठाते हुए युवती को अपने जाल में फंसाया और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता वर्ष 2024-25 में पूंजीपथरा क्षेत्र के एक ईंट प्लांट में मजदूरी का कार्य कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान प्लांट में कार्यरत सुपरवाइजर पंकज यादव से हुई। धीरे-धीरे पहचान बढ़ने के बाद आरोपी का युवती के घर आना-जाना शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि 20 मार्च 2025 को आरोपी युवती के घर पहुंचा और उसे चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जब युवती बेसुध हो गई, तब आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, उसने इस घिनौनी हरकत का आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया।
घटना के बाद आरोपी ने वीडियो के जरिए युवती को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अप्रैल 2025 में वह दोबारा युवती के घर पहुंचा और शारीरिक संबंध बनाने के लिए धमकी देकर दबाव बनाने लगा। डर और सामाजिक बदनामी के भय से पीड़िता मानसिक रूप से टूट गई और अपने गांव लौट गई।
आरोप है कि जब युवती अपने गांव पहुंची तो आरोपी ने उसके आपत्तिजनक वीडियो को उसके परिजनों के मोबाइल नंबरों पर भेज दिया। इस घटना से पीड़िता गहरे मानसिक आघात में चली गई। अंततः साहस जुटाकर उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
यह घटना न केवल कार्यस्थल की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि विश्वास का दुरुपयोग किस हद तक किया जा सकता है। प्रशासन और समाज दोनों के लिए यह जरूरी है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिलाया जाए।
