छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में कथावाचक आचार्य युवराज पांडे की कार को ट्रक द्वारा टक्कर मारे जाने की घटना ने सनसनी फैला दी है। यह हादसा उस समय हुआ, जब आचार्य युवराज पांडे बसना क्षेत्र के साखरा में कथा कार्यक्रम संपन्न कर अपने गृह ग्राम अमलीपदर लौट रहे थे। जैसे ही वे गरियाबंद के कुम्हरपारा के पास पहुंचे, पीछे से आए एक ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी।
इस दुर्घटना में कार के पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचा है, हालांकि गनीमत रही कि आचार्य युवराज पांडे पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के तुरंत बाद उन्होंने कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र चंद्राकर ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह घटना एक सड़क दुर्घटना प्रतीत हो रही है। ट्रक चालक हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह महज हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण या साजिश छिपी हुई है।
वहीं, आचार्य युवराज पांडे ने इस घटना को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि यह उन पर सातवां हमला है और उन्हें लंबे समय से किसी अज्ञात व्यक्ति या गिरोह से खतरा महसूस हो रहा है। आचार्य ने बताया कि इस संबंध में वे पहले भी प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत दे चुके हैं।
आचार्य युवराज पांडे ने कहा कि बार-बार इस तरह की घटनाएं होना संदेह पैदा करता है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है। ट्रक चालक के बयान, घटनास्थल के साक्ष्य और पूर्व शिकायतों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा था या किसी साजिश का हिस्सा।
