रायपुर जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा जनसुलभ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। नवा रायपुर अटल नगर को नई तहसील के रूप में गठित करने का प्रस्ताव जारी किया गया है। इस संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित की गई है, जिससे यह प्रस्ताव औपचारिक रूप से सार्वजनिक हो गया है।
प्रस्तावित नई तहसील के अंतर्गत कुल 6 राजस्व निरीक्षक मंडलों के 20 पटवारी हल्कों के 39 गांवों को शामिल किया जाएगा। इनमें पलौद, मंदिर हसौद, केंद्री, तोरला, सेरिखेड़ी तथा रायपुर-18 कंडुल क्षेत्र के गांव शामिल हैं। इन गांवों को नई तहसील में शामिल करने से स्थानीय नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
नई तहसील की सीमाओं को लेकर अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि उत्तर दिशा में मंदिर हसौद, दक्षिण में अभनपुर, पूर्व में गोबरा नवापारा और पश्चिम में रायपुर क्षेत्र स्थित रहेगा। इससे प्रशासनिक सीमाएं स्पष्ट होंगी और कार्य संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी।
सरकार ने इस प्रस्ताव पर आम जनता से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की हैं। अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से 60 दिनों के भीतर नागरिक अपनी आपत्ति या सुझाव लिखित रूप में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, नवा रायपुर अटल नगर को भेज सकते हैं। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
नई तहसील के गठन से स्थानीय लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ शीघ्र और सरल रूप में मिलने की उम्मीद है। यह कदम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि नवा रायपुर क्षेत्र के विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।
