छत्तीसगढ़ केरल में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के रहने वाले मजदूर राम नारायण बघेल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया है। यह घटना 17 दिसंबर की बताई जा रही है, जब चोरी के शक में कुछ लोगों ने राम नारायण को पकड़कर बेरहमी से पीट दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे पिटाई से मौत की पुष्टि होती है।
इस मामले में परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरू में मौत की जानकारी नहीं दी और केवल यह बताया गया कि राम नारायण थाने में है। बाद में परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली। मृतक दो छोटे बच्चों का पिता था, जिनकी उम्र 8 और 10 वर्ष बताई जा रही है। परिवार की आजीविका पूरी तरह उसी पर निर्भर थी।
घटना के बाद केरल सरकार और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों ने मुआवजे, दोषियों को कड़ी सजा और शव को पैतृक गांव तक पहुंचाने की मांग की है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन यह मामला सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है।
