रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कथावाचन कार्यक्रम के लिए पहुंचे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगमन इस बार धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का विषय बन गया। आरोप है कि शास्त्री को राज्य सरकार के सरकारी विमान से रायपुर लाया गया। एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान एक थाना प्रभारी (TI) द्वारा जूते-टोपी उतारकर पैर छूने का दृश्य सामने आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
इस पूरे घटनाक्रम में राज्य के एक मंत्री की मौजूदगी भी चर्चा में रही, जिससे मामला और तूल पकड़ गया। विपक्षी दल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से जोड़ा और आरोप लगाया कि जनता के खजाने का उपयोग निजी व धार्मिक आयोजनों के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या किसी निजी धार्मिक कार्यक्रम के लिए सरकारी विमान का इस्तेमाल नियमों के अनुरूप है।
वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी बहस छिड़ गई है। वर्दी में तैनात पुलिस अधिकारी द्वारा इस तरह का सम्मान प्रोटोकॉल और आचरण नियमों के खिलाफ माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि ऑन-ड्यूटी रहते हुए किसी भी व्यक्ति के प्रति व्यक्तिगत श्रद्धा का सार्वजनिक प्रदर्शन संस्थागत मर्यादा पर सवाल खड़े करता है।
दूसरी ओर, समर्थकों का तर्क है कि शास्त्री एक लोकप्रिय धार्मिक कथावाचक हैं और उनका स्वागत आस्था का विषय है, न कि राजनीति का। हालांकि, सरकारी संसाधनों के उपयोग और प्रशासनिक आचरण को लेकर उठे सवालों ने इस दौरे को विवादों के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई औपचारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो चुकी है।
