रायपुर नगर निगम ने लंबे समय से लंबित प्रॉपर्टी टैक्स बकायों की वसूली को लेकर बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए राजकुमार कॉलेज से 13 वर्षों का बकाया टैक्स सफलतापूर्वक वसूल कर लिया है। वर्ष 2012-13 से लेकर 2025-26 तक के बीच जमा नहीं किए गए संपत्ति कर के रूप में निगम को कुल 1 करोड़ 64 लाख 77 हजार 568 रुपये की राशि प्राप्त हुई है। यह कार्रवाई निगम के राजस्व प्रबंधन की सक्रियता और सख्ती का उदाहरण मानी जा रही है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, राजकुमार कॉलेज लंबे समय से बड़े बकायेदारों की सूची में शामिल था। बार-बार नोटिस, फॉलोअप और आपसी समन्वय के बावजूद जब कर जमा नहीं किया गया, तब नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर ठोस कार्रवाई शुरू की गई। जोन-5 के कमिश्नर खीसागर नायक के नेतृत्व में सहायक राजस्व अधिकारी प्रमोद जाधव और राजस्व विभाग की टीम ने लगातार प्रयास कर अंततः पूरा बकाया वसूल कराया।
इस अभियान में राजस्व निरीक्षक राजेश मुले, मनीष भोई, सहायक राजस्व निरीक्षक विपिन सोनी, रत्नदीप कराड़े और जीआईएस प्रभारी सूर्य यादव की अहम भूमिका रही। टीमवर्क और सतत निगरानी के चलते इतने लंबे समय से लंबित बकाया कर की वसूली संभव हो सकी।
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शहर के सभी 10 जोनों को निर्देश दिए हैं कि बड़े बकायेदारों को तत्काल डिमांड बिल के साथ नोटिस जारी किए जाएं और राजस्व वसूली में तेजी लाई जाए।
इस कार्रवाई के बाद निगम ने गोरव गार्डन, मधुबन, ओमाया और अमराया क्षेत्रों में भी संपत्ति कर की जांच शुरू की। जांच के बाद गोरव गार्डन और मधुबन को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जबकि अंबुजा मॉल, डिकैथलॉन, श्रीराम बिजनेस पार्क और सफायर ग्रीन को भी शीघ्र नोटिस देने की तैयारी चल रही है।
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि इसी तरह की सख्ती और निरंतर प्रयासों से निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि शहर के विकास कार्यों के लिए राजस्व संसाधनों को मजबूत किया जा सके।
