छत्तीसगढ़ सरगुजा जिले के पहाड़ी इलाकों में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवाओं के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनाए जा रहे आवासों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए जा रहे इन मकानों की नींव ही कमजोर बताई जा रही है। आरोप है कि जिला पंचायत के इंजीनियरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से पहाड़ी क्षेत्रों में बिना कॉलम के ही मकानों का निर्माण करा दिया गया, जिससे इन आवासों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, करीब दो लाख रुपये की लागत से बनाए गए कई मकानों में न तो कॉलम डाले गए और न ही मानक के अनुरूप सरिया का उपयोग हुआ। इसके बावजूद मकानों पर छत डाल दी गई, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण में इतनी गंभीर खामियों के बावजूद संबंधित विभाग के अफसरों ने रिपोर्ट में सब कुछ सही बताकर पूरा भुगतान भी कर दिया।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दो कमरों के आवास निर्माण में ठेकेदारों ने मनमानी की, जबकि निगरानी करने वाले इंजीनियर और ग्राम सचिव मूकदर्शक बने रहे। पहाड़ी इलाकों में भूकंप या भारी बारिश की स्थिति में ऐसे मकानों के गिरने का खतरा और बढ़ जाता है, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की गई।
