July 22, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

न्यू ईयर पार्टी बनी मौत की वजह: आठ दोस्तों ने मिलकर दो युवकों को उतारा मौत के घाट

दरभंगा जिले से सामने आया यह मामला नए साल के जश्न पर एक गहरा और दर्दनाक प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। जहां एक ओर लोग नए साल का स्वागत खुशियों और उम्मीदों के साथ करते हैं, वहीं 1 जनवरी की रात दो परिवारों के लिए ऐसी त्रासदी बनकर आई, जिसने उनकी दुनिया ही उजाड़ दी।

मृतक बादल मंडल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं और बेटे की मौत के बाद बूढ़े मां-बाप बेसहारा हो गए हैं। परिजनों के अनुसार, बादल 1 जनवरी को अपने दोस्त मृजा महतो के साथ न्यू ईयर पार्टी मनाने के लिए घर से निकला था। उसने मां से कहा था कि देर हो सकती है, सुबह वापस लौट आएगा और दोस्त के यहां रुक जाएगा। इसी भरोसे पर परिजन निश्चिंत हो गए।

लेकिन 2 जनवरी की सुबह जब लगातार फोन करने पर भी संपर्क नहीं हो पाया, तो परिवार की चिंता बढ़ गई। खोजबीन के दौरान बादल की बाइक आमस–दरभंगा एक्सप्रेसवे के किनारे लावारिस हालत में मिली। बाइक की हालत देख परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद सदर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई और पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।

जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। पुलिस के अनुसार, न्यू ईयर पार्टी के दौरान दोस्तों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो धीरे-धीरे हिंसक हो गया। इसी विवाद में आठ दोस्तों ने मिलकर पहले मृजा महतो की हत्या कर दी और फिर बादल मंडल को भी मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद दोनों शवों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाया गया।

3 जनवरी को मृजा महतो का शव बहादुरपुर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे किनारे एक खेत से बरामद किया गया। वहीं, मुख्य आरोपी की निशानदेही पर बादल मंडल का शव भालपट्टी गांव के बगीचे से जमीन खोदकर निकाला गया। बादल के हाथ-पैर बंधे हुए थे और ऊपर से मिट्टी डालकर शव को दबा दिया गया था, जिससे साफ होता है कि हत्या पूरी साजिश के तहत की गई।

इस दोहरे हत्याकांड ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और नशे व आपसी विवादों की खतरनाक प्रवृत्ति को भी उजागर किया है। एक छोटी-सी कहासुनी ने दो जिंदगियों को खत्म कर दिया और दो परिवारों को जीवन भर का दर्द दे दिया। यह घटना एक कड़वी सीख है कि जश्न, अगर संयम और समझदारी से न मनाया जाए, तो वह मातम में भी बदल सकता है।

Related posts

छत्तीसगढ़ में मौसम का करवट: 27 अक्टूबर से बारिश के आसार, खेती पर पड़ेगा असर

admin

उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंडी हवाओं का कहर: अंबिकापुर 7°C पर पहुंचा, तापमान में और गिरावट के आसार; बदलते मौसम में मलेरिया का खतरा बढ़ा

admin

छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, 3-4 दिन में मानसून संभव

admin

Leave a Comment