छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ा अभियान चलाया है। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने पूरे सप्ताह विशेष निगरानी और छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें कुल 31 वाहनों को अवैध खनिज परिवहन करते हुए जब्त किया गया। इस कार्रवाई से अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
रायगढ़ जिले में लंबे समय से रेत, मुरुम और अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन गतिविधियों से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा था, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही थी। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए खनिज विभाग ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान शुरू किया।
अभियान के दौरान खनिज विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कार्रवाई की। इस दौरान 27 ट्रैक्टर रेत से भरे हुए पाए गए, जबकि एक हाईवा, दो चुनापत्थर से लदे हाईवा और एक बुलेट ट्रैक्टर को भी जब्त किया गया। सभी जब्त वाहनों को कलेक्टर परिसर, थाना खरसिया और रेंगमा चौकी में सुरक्षित रखा गया है। यह कार्रवाई पुसौर, खरसिया और धरमजयगढ़ क्षेत्र में की गई।
इसके अलावा, संबलपुरी क्षेत्र में भी अवैध मुरुम उत्खनन की सूचना मिलने पर खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहां जेसीबी मशीन और अन्य वाहनों से अवैध उत्खनन करते हुए लोगों को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि यह कार्य आदेशों का उल्लंघन कर किया जा रहा था। सभी संबंधित वाहनों को कलेक्टरेट लाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन पर किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और आगे भी इस तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इस अभियान से यह संदेश स्पष्ट है कि जिले में अवैध खनिज कारोबार करने वालों के खिलाफ प्रशासन अब पूरी कठोरता से कार्रवाई कर रहा है और भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
