April 17, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

परीक्षा पे चर्चा-2026’ में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक भागीदारी, पालक सहभागिता में बना राष्ट्रीय नंबर-1

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘परीक्षा पे चर्चा’ पहल का उद्देश्य परीक्षा को तनाव का कारण नहीं, बल्कि सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर बनाना है। ‘परीक्षा पे चर्चा-2026’ में छत्तीसगढ़ ने इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक नई मिसाल कायम की है। राज्य ने पालकों की सहभागिता के मामले में पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

अब तक छत्तीसगढ़ से कुल 25.16 लाख प्रतिभागियों ने ‘परीक्षा पे चर्चा-2026’ के लिए पंजीयन कराया है। इनमें 22.75 लाख विद्यार्थी, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। कुल पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ देशभर में चौथे स्थान पर है, जो राज्य में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।

पालक सहभागिता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है। बालोदाबाजार जिले से 14,658 और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से 9,952 पालकों ने पंजीयन कराया। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि अभिभावक अब बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पहले से अधिक सजग और सक्रिय हो रहे हैं।

राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण केंद्रों पर ही पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान पंजीयन प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया गया, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अभियान से जुड़ने में रुचि दिखाई। इसके परिणामस्वरूप शिक्षक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई।

नवाचारी रणनीतियों ने इस अभियान की सफलता में अहम भूमिका निभाई। जिला स्तर पर समीक्षा बैठकों, शिक्षक-पालक सम्मेलनों, ‘परीक्षा पे चर्चा मेला’ और ‘आंगन में शिक्षा कार्यक्रम’ जैसे प्रयासों से समाज के हर वर्ग को जोड़ा गया। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा मेला’ के दौरान एक ही दिन में 10 हजार से अधिक पंजीयन दर्ज किए गए, जो इस अभियान की लोकप्रियता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य भी शीघ्र प्राप्त करेगा और परीक्षा को तनावमुक्त बनाने का यह अभियान आने वाले समय में और अधिक प्रभावी रूप लेगा।

कुल मिलाकर, ‘परीक्षा पे चर्चा-2026’ में छत्तीसगढ़ की भागीदारी यह साबित करती है कि जब सरकार, शिक्षक, विद्यार्थी और पालक मिलकर प्रयास करते हैं, तो शिक्षा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। यह पहल न केवल परीक्षा के डर को कम करती है, बल्कि आत्मविश्वास, संवाद और सकारात्मक सोच को भी मजबूत बनाती है।

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