छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस बढ़ोतरी के बाद अब राज्य कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा, जो केंद्र सरकार के समान हो गया है। इस फैसले से प्रदेश के करीब पांच लाख शासकीय कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी मासिक आय में बढ़ोतरी होगी।
इससे पहले राज्य कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा था। सरकार ने कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए यह निर्णय लिया है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह फैसला कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने वाला माना जा रहा है।
राज्य सरकार इससे पहले भी चरणबद्ध तरीके से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर चुकी है। करीब पांच महीने पहले 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी, वहीं 3 मार्च को विधानसभा में पेश वर्ष 2025-26 के बजट में 53 प्रतिशत डीए देने की घोषणा की गई थी। अब ताजा फैसले के तहत इसमें फिर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए 3 प्रतिशत तथा छठे वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए 7 प्रतिशत की गई है। नई दरें 1 मार्च 2025 से प्रभावी मानी जाएंगी, जिनका भुगतान अप्रैल माह में मार्च की सैलरी के साथ किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से राज्य पर सालाना लगभग 540 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। इसके अलावा पेंशनभोगियों को भी 3 प्रतिशत महंगाई राहत देने से सरकार पर करीब 108 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। इसके बावजूद सरकार ने कर्मचारियों के हित को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।
महंगाई भत्ते में हुई इस बढ़ोतरी को कर्मचारी संगठनों ने स्वागतयोग्य कदम बताया है। सरकार का कहना है कि वह भविष्य में भी समय-समय पर कर्मचारियों के हित में आवश्यक फैसले लेती रहेगी।
