जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को किसान से 43 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सेशन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जिला जेल खोखरा से रिहा कर दिया गया। जमानत के लिए 50 हजार रुपये के मुचलके की राशि जमा की गई। विधायक की रिहाई की खबर मिलते ही जेल परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और ढोल-नगाड़ों के साथ जमकर आतिशबाजी की गई।
बताया गया कि विधायक बालेश्वर साहू को सीजीएम कोर्ट ने किसान राजकुमार शर्मा की शिकायत पर दर्ज धोखाधड़ी के मामले में 22 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। इस दौरान 13 जनवरी को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी विधायक से मिलने जिला जेल पहुंचे थे। भूपेश बघेल ने उस समय दावा किया था कि विधायक को जानबूझकर फर्जी मामले में फंसाया गया है, क्योंकि उनकी लोकप्रियता भाजपा को रास नहीं आ रही है।
जमानत के बाद जेल से बाहर निकलते ही विधायक बालेश्वर साहू सीधे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचे, जहां उन्होंने माल्यार्पण कर संविधान और लोकतंत्र में अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठाया और “सत्यमेव जयते” के नारे लगाए।
विधायक बालेश्वर साहू ने कहा कि पिछले करीब 10 वर्षों से उन पर सरकारी बैंक से किसान की पर्ची और पासबुक के जरिए लोन लेने जैसे आरोप लगाए जा रहे थे, लेकिन अब तक की सभी जांचों में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला मनगढ़ंत है और कुछ लोगों ने फर्जी केस दर्ज कर अपनी राजनीतिक और आर्थिक रोटियां सेंकी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच एसआईटी से कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। विधायक ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और संविधान पर पूरा भरोसा है और अब वे पूरी ताकत से जनता की सेवा और क्षेत्र के विकास कार्यों में जुटेंगे।
