रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के साथ ही शहर की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में ऐतिहासिक परिवर्तन दर्ज किया गया है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत वरिष्ठ IPS अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक निर्णायक और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर सिस्टम के लागू होते ही रायपुर नगर पुलिस को एक सशक्त, केंद्रीकृत और आधुनिक प्रशासनिक ढांचे में संगठित किया गया है। संजीव शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन को अब त्वरित निर्णय लेने की शक्ति, बेहतर नियंत्रण प्रणाली और अपराध पर प्रभावी कार्रवाई के लिए अधिक अधिकार प्राप्त हुए हैं। इससे कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार की उम्मीद की जा रही है।
इस प्रशासनिक बदलाव के तहत पुलिस उपायुक्त (DCP) स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गई हैं। शहर को ज़ोन आधारित संरचना में विभाजित कर अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है, जिससे निगरानी व्यवस्था अधिक मजबूत और प्रभावी बनी है। साथ ही ट्रैफिक, प्रोटोकॉल, क्राइम और साइबर जैसे विशेष विभागों के लिए अलग-अलग DCP नियुक्त किए गए हैं, जिससे कार्य प्रणाली को विशेषज्ञता आधारित बनाया गया है।
रायपुर जिले को प्रशासनिक रूप से दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। जिले के एक हिस्से में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई है, जबकि दूसरे हिस्से में पारंपरिक पुलिस अधीक्षक (SP) प्रणाली यथावत रखी गई है। 23 जनवरी 2026 से प्रभावी इस व्यवस्था के तहत 21 थाने पुलिस कमिश्नर के अधीन और 12 थाने SP के अधीन कार्य कर रहे हैं। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से इस नए मॉडल को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संजीव शुक्ला के नेतृत्व में रायपुर पुलिस प्रशासन अधिक प्रोफेशनल, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनेगा। यह व्यवस्था केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी पुलिसिंग मॉडल की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में यह प्रणाली रायपुर को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्मार्ट शहर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
