छत्तीसगढ़ 26 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे राज्य में देशभक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह-सुबह विभिन्न जिलों में आयोजनों का शुभारंभ हुआ, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया और परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा सम्मान समारोह आयोजित किए गए।
राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्य समारोह आयोजित हुआ, जहां राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए संविधान के महत्व और देश की एकता-समानता की भावना पर जोर दिया। भव्य परेड में पुलिस और सुरक्षा बलों की टुकड़ियाँ शामिल रहीं तथा बच्चों और अन्य समूहों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।
इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि बिलासपुर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पहली बार मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। यह मामिला पिछले 23 सालों में पहली बार हुआ है, जब मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में गणतंत्र दिवस समारोह में तिरंगा फहराया। इससे पहले 2001-2003 के बीच ही पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने यहाँ ध्वजारोहण किया था।
राज्यभर में जिला-स्तरीय कार्यक्रमों में अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी प्रमुख भूमिका निभाई। दुर्ग जिले में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और समारोह में हर्ष फायरिंग की गई, जिससे उत्साह और देशभक्ति की भावना और तीव्र हुई।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने क्रमशः बस्तर एवं सरगुजा संभागों में तिरंगा वंदन कार्यक्रमों को सम्बोधित किया। अन्य मंत्रियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने अपने-अपने जिलों में ध्वजारोहण तथा परेड का नेतृत्व किया, जिससे प्रदेशभर में 26 जनवरी का पर्व लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय गर्व के साथ मनाया गया।
इन समारोहों ने यह संदेश दिया कि संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र-एकता के प्रति छत्तीसगढ़ पूरी मजबूती से खड़ा है और 26 जनवरी का पावन दिवस हर नागरिक में देशभक्ति की भावना को और प्रबल कर रहा है।
