नई दिल्ली। केंद्रीय बजट के इतिहास में इस बार एक अहम बदलाव देखने को मिल सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट भाषण की पारंपरिक संरचना में बदलाव करते हुए भाग-बी (Part B) को नया महत्व देने की तैयारी में हैं। अब तक इस हिस्से में टैक्स दरों और सीमित नीतिगत संशोधनों की घोषणा होती रही है, लेकिन इस बार इसमें भारत की अर्थव्यवस्था की व्यापक दिशा और भविष्य की रणनीति रखे जाने की संभावना है।
जानकारों के अनुसार, सरकार बजट को केवल वित्तीय प्रावधानों तक सीमित न रखकर उसे आर्थिक विज़न डॉक्यूमेंट के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है। भाग-बी में विकास, निवेश, रोजगार, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और दीर्घकालिक सुधारों पर फोकस किया जा सकता है। इससे बजट भाषण का यह हिस्सा नीति निर्धारण के लिहाज से ज्यादा प्रभावी बन जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो भविष्य में बजट भाषण की परंपरागत संरचना में स्थायी बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे आम जनता के साथ-साथ उद्योग और निवेशकों को भी सरकार की आर्थिक सोच को समझने में मदद मिलेगी।
