छत्तीसगढ़ में आगामी मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के अंतर्गत मतदाता डेटा की समीक्षा के दौरान मतदाता सूची में बड़ी संख्या में त्रुटियाँ पाई गई हैं। चुनाव आयोग ने लगभग 64 लाख 95 हजार मतदाताओं को इस बारे में नोटिस जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि उनके वोटर आईडी से जुड़े नाम, पता या पिता/पति का नाम जैसी जानकारियों में ‘लॉजिकल एरर’ यानी छोटी-छोटी गड़बड़ियाँ मिली हैं। यह जानकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग की एआई-सक्षम प्रणाली ने पकड़ी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मतदाता सूची में दर्ज सूचना सटीक और व्यवस्थित हो।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि इन त्रुटियों को 14 फरवरी 2026 से पूर्व सुधरवाना जरूरी है, अन्यथा आगामी मतदाता सूची में उनका नाम प्रकाशित नहीं हो सकता और वह मतदान करने के अधिकार से वंचित रह सकते हैं। आयोग ने यह प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से लागू की है और निरंतर जारी है। नोटिस प्राप्त मतदाताओं को अपने नजदीकी BLO (मतदाता सूची अधिकारी) के पास जाकर आवश्यक दस्तावेज पेश करने होंगे, जिससे उनकी जानकारियाँ सही की जा सकें। यदि मतदाता को इसे लेकर संतुष्टि नहीं मिलती, तो वह एईआरओ या ईआरओ कार्यालय में अपील भी कर सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी यशवंत कुमार ने लोगों से घबराने की आवश्यकता नहीं होने का भी आश्वासन दिया है और कहा है कि दस्तावेज प्रस्तुत करने पर त्रुटियाँ तुरंत सुधर दी जाएँगी। इस कदम का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी, सटीक तथा सभी वास्तविक मतदाताओं के लिए अद्यतन बनाना है, ताकि आगामी चुनावी प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की बाधा या विवाद न खड़ा हो।
