रायपुर तेलीबांधा तालाब, जिसे स्थानीय रूप से रायपुर का लोकप्रिय मरीन ड्राइव भी कहा जाता है, शहरवासियों के लिए एक प्रमुख सैर-सपाटे और मॉर्निंग-वॉक का स्थल है। पिछले दिनों नगर निगम रायपुर ने इस परिसर के पाथवे और आसपास के क्षेत्र में पार्किंग शुल्क लागू करने की घोषणा की, जिसके अंतर्गत चार पहिया वाहनों के लिए प्रति 4 घंटे ₹20 और दो-पहिया वाहनों के लिए ₹10 शुल्क तय किया गया था। इससे पहले यह थूक में निशुल्क पार्किंग उपलब्ध थी और लोग बिना किसी शुल्क के वाहन खड़ा कर सैर-सपाटा किया करते थे।
शुल्क लगाने का मूल उद्देश्य निगम प्रशासन का यह बताना था कि मरीन ड्राइव पर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित वाहन पार्किंग यातायात को प्रभावित कर रही है, जिससे ट्रैफिक समस्या उत्पन्न हो रही है। महापौर मीनल चौबे ने यह तर्क दिया कि यह कदम व्यवस्था सुधारने और भीड़ नियंत्रण के लिए उठाया जा रहा है, न कि राजस्व-उदय के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस फैसले से लोगों को परेशानी होती है तो उसके सुझाव भी लिए जायेंगे।
हालांकि, पार्किंग शुल्क की घोषणा होते ही स्थानीय नागरिकों और मॉर्निंग-वॉकर्स में विरोध उभरा। कई लोगों का कहना था कि पाथवे को पार्किंग जोन में बदल देना अनुचित है, क्योंकि यही पाथवे सुबह-शाम पैदल चलने वालों के लिए उपयोगी होता है। ऐसे में उन्हें लगने लगा कि निगम का निर्णय सार्वजनिक सुविधा पर असुविधा डालने वाला है।
ऐसे विरोध और नाराज़गी को देखते हुए मीनल चौबे ने फ़ैसला बदलते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल मॉर्निंग वॉक करने वालों से कोई पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह शुल्क केवल उन वाहनों पर लागू होगा जो दिन के अन्य समय में पार्क किए जाते हैं, और अंतिम निर्णय नगर निगम की यातायात-समिति तथा पुलिस के साथ समन्वय के बाद लिया जाएगा।
