छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर में पुलिस और एंटी-क्राइम टीम ने एक बड़े सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है जिसमें 40 से अधिक गेम्स पर दांव लगाए जा रहे थे। जांच में यह सामने आया कि यह एक संगठित सट्टा (illegal betting) सिंडिकेट था, जो ऑनलाइन और मोबाइल प्लेटफॉर्म के ज़रिये लोगों को गेम्स पर दांव लगाने के लिए प्रेरित करता और उससे कमाई करता था। इस गिरोह के कुछ प्रमुख सदस्य कार के अंदर ही दांव करवाते हुए पकड़े गए, जिससे पुलिस को इस पूरे नेटवर्क के बारे में अहम सबूत मिले।
पुलिस ने एक कार में सट्टा चलाते समय चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से लगभग लाखों रुपए कैश (50 से 95 लाख के करीब) जब्त किए गए हैं। इस दौरान आरोपी मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिवाइसों का इस्तेमाल कर दांव और लेन-देन का डेटा संभाल रहे थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई साधारण सट्टा नहीं बल्कि विस्तृत नेटवर्क पर आधारित व्यवसाय था।
जांच में यह बात भी सामने आई कि इस सिंडिकेट में 40 से अधिक गेम्स की सूची शामिल थी, जिन पर लोग ऑनलाइन दांव लगा रहे थे। इससे यह संकेत मिलता है कि यह समूह बहुत बड़े पैमाने पर सट्टा-संचालन कर रहा था और इसकी कमाई करोड़ों में होने का अनुमान लगाया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि आरोपी खिलाड़ियों के साथ सीधे संपर्क में थे और गेमिंग-अकाउंट ID, लेन-देन रिकॉर्ड, तथा वेब-लिंक के ज़रिये दांव नियमित रूप से संचालित हो रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों पर जुआ, सट्टेबाजी कानून और आपराधिक साजिश के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस और संबंधित एजेंसियाँ आगे की छान-बीन कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के पीछे कौन-कौन जुड़े हैं और किस तरह से यह नेटवर्क संचालित होता रहा। जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि यह रैकेट स्थानीय स्तर पर सिर्फ खेलों तक सीमित था या इसके अन्य शाखा-सदस्य भी देशभर में फैले हैं।
