बिलासपुर में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। सॉफ्टबॉल अंडर-17 वर्ग में राज्य की बालक और बालिका दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। इस उपलब्धि ने न केवल खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि राज्य के खेल कौशल और अनुशासन की भी मजबूत छाप छोड़ी।
बालिका वर्ग के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ की टीम ने सीबीएसई की मजबूत टीम को एकतरफा अंदाज में 5-2 से हराया। मैच की शुरुआत से ही खिलाड़ियों ने आक्रामक रणनीति अपनाई और लगातार अंक जुटाते हुए विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। बेहतरीन फील्डिंग, सटीक थ्रो और शानदार तालमेल के चलते सीबीएसई की रक्षा पंक्ति टिक नहीं सकी और छत्तीसगढ़ ने ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
वहीं बालक वर्ग का फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा, जहां छत्तीसगढ़ का सामना महाराष्ट्र की टीम से हुआ। दोनों टीमों ने शुरू से ही कड़ा खेल दिखाया और मुकाबला अंत तक बराबरी का बना रहा। निर्णायक क्षणों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने धैर्य और रणनीति का परिचय देते हुए 1-0 से जीत दर्ज की। दर्शकों के लिए यह मैच बेहद रोमांचकारी साबित हुआ, जहां हर रन और हर मूवमेंट पर नजरें टिकी रहीं।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद स्कूल शिक्षा विभाग, खेल विभाग और प्रशिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। कोचों का कहना है कि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और टीम वर्क का ही यह परिणाम है। यह उपलब्धि केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने का उत्साह मिलेगा और राज्य खेल क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
