जशपुर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही एक संदिग्ध क्रेटा कार को घेराबंदी कर रोका। तलाशी के दौरान वाहन से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसका कुल वजन लगभग 52 किलो 100 ग्राम बताया गया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश लगातार जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई जशपुर जिले के आरा चौकी क्षेत्र में की गई, जहां तस्करों की गतिविधियों पर पहले से निगरानी रखी जा रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने रणनीति बनाकर बोरोडिरिया जंगल के पास नाकेबंदी की और संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने वाहन को चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। जब वाहन की जांच की गई तो उसमें छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ, जिससे अंतरराज्यीय नशा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे उड़ीसा से गांजा लाकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करने वाले थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं फरार आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई को जशपुर पुलिस की सतर्कता और त्वरित रणनीति का परिणाम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अवैध धंधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस सफलता से न केवल स्थानीय स्तर पर अपराध नियंत्रण को मजबूती मिली है, बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी पर भी एक कड़ा संदेश गया है कि कानून से बच पाना आसान नहीं है।
