रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित एक भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम में आज 1,316 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह बंधन में बंधेंगे। यह समारोह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य धर्मों के दंपत्तियों ने सात फेरे लेने का संकल्प लिया है, जिससे सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश मिलता है।
राज्य के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहेंगे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित होंगे। राजधानी रायपुर के अलावा बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जैसे जिलों के दंपत्ति ऑनलाइन माध्यम से इस राज्य स्तरीय आयोजन से जुड़ेंगे। अन्य जिलों में सामूहिक विवाह अपने-अपने जिला मुख्यालय पर भी आयोजित किए जाएंगे।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह के अवसर प्रदान करना है। इसके अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को सरकार की ओर से ₹35,000 की आर्थिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी, साथ ही ₹15,000 की उपहार सामग्री भी प्रदान की जाएगी, जिससे विवाह से जुड़ी व्यवस्थाओं पर खर्च में मदद मिलेगी।
यह कार्यक्रम सिर्फ विवाह समारोह नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की सामाजिक कल्याण और समानता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। इसमें कुल विवाहों में से 6,281 हिंदू धर्म, 3 इस्लामिक रीति-रिवाज, 113 ईसाई रीति-रिवाज, 5 बौद्ध और 10 बैगा समुदाय के जोड़े शामिल हैं, जो सामाजिक विविधता को दर्शाता है।
उसी अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का शुभारंभ भी किया जाएगा। इस अभियान के पहले चरण में राज्य के बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों से लगभग 40,000 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि प्रदेश में कुपोषण की समस्या से निपटा जा सके।
