राजधानी रायपुर में 22 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले ‘बिस्मिल की महफिल टेक्नो म्यूजिक कार्यक्रम’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े फैसले के साथ शांत होता नजर आ रहा है। इस कार्यक्रम में फिल्म अभिनेत्री सनी लियोनी की मौजूदगी की खबर सामने आने के बाद से ही शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई थी। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम के टीजर, पोस्टर और फ्री एंट्री की घोषणाओं के वायरल होते ही लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं, जहां एक ओर युवाओं में उत्साह दिखा, वहीं कुछ संगठनों ने इसका खुलकर विरोध भी किया।
विरोध का मुख्य कारण सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों को बताया गया। बजरंग दल सहित कुछ संगठनों ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताते हुए कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ की संस्कृति के खिलाफ बताया और इसे रद्द करने की मांग की। सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी कर सख्त चेतावनी भी दी गई कि यदि कार्यक्रम में बदलाव नहीं किया गया तो उग्र विरोध किया जाएगा।
लगातार बढ़ते दबाव और विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए अंततः आयोजकों ने बड़ा निर्णय लेते हुए स्पष्ट कर दिया कि सनी लियोनी अब इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं होंगी। इस फैसले के बाद विवाद कुछ हद तक थमता दिखाई दिया। वहीं पुलिस प्रशासन ने भी कार्यक्रम की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पूरे घटनाक्रम ने यह दिखाया कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी आयोजन की सूचना कितनी तेजी से जनचर्चा का विषय बन सकती है और किस तरह सामाजिक-सांस्कृतिक संवेदनशीलता आयोजनों के स्वरूप को प्रभावित कर सकती है। आयोजकों के फैसले के बाद अब कार्यक्रम को लेकर स्थिति अपेक्षाकृत शांत बताई जा रही है, लेकिन यह मामला शहर में कई दिनों तक चर्चा का केंद्र बना रहा।
