छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड में स्थित प्राथमिक शाला सरईडांड बोंगा में पदस्थ एक सहायक शिक्षक पर गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। आरोप है कि शिक्षक स्कूल में शराब के नशे में पहुंचे थे, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए उनकी आगामी दो वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 फरवरी 2026 को शैक्षिक समन्वयक संकुल केंद्र बोंगा और ग्राम पंचायत बोंगा के सरपंच द्वारा विद्यालय का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय में पदस्थ सहायक शिक्षक रोशनलाल उरांव शराब के नशे में स्कूल पहुंचे हुए थे। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत माना गया, जिसमें सरकारी कर्मचारियों से अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करने की अपेक्षा की जाती है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित शिक्षक के खिलाफ पहले भी कई बार स्कूल में शराब पीकर आने की शिकायतें मिल चुकी थीं। इससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा था और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा था। ग्रामीणों और पालकों ने भी इस व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी।
मामले की पुष्टि होने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रतापपुर द्वारा शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिक्षक द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जवाब न देना कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता को दर्शाता है।
पूरे मामले की समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग ने दंडात्मक कार्रवाई करते हुए शिक्षक की आगामी दो वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले कर्मियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
