छत्तीसगढ़ में कोयला कारोबार से जुड़े बड़े व्यापारिक समूहों पर आयकर विभाग की कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। विभाग की संयुक्त टीम ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की ज्वेलरी जब्त की गई। बरामद आभूषणों में सोना, चांदी और प्लेटिनम की ज्वेलरी शामिल बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और आय से अधिक संपत्ति के संदेह के आधार पर की जा रही है।
तलाशी के दौरान आयकर विभाग की टीम ने कारोबारियों के घर, कार्यालय और व्यावसायिक परिसरों में मौजूद दस्तावेजों, निवेश से जुड़े कागजात, संपत्ति के रिकॉर्ड तथा लेन-देन की फाइलों की बारीकी से जांच शुरू की है। साथ ही लक्जरी वाहनों, महंगे सामान और आलीशान बंगलों पर हुए खर्च का भी मिलान किया जा रहा है, ताकि आय और व्यय के बीच अंतर स्पष्ट हो सके।
सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई करीब 15 ठिकानों पर केंद्रित रही, जिनमें प्रमुख कारोबारी समूहों के दफ्तर और आवास शामिल हैं। जांच टीम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर भी विशेष ध्यान दे रही है। तलाशी के दौरान कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों का बैकअप लिया गया है, जिससे वित्तीय लेन-देन और संभावित गड़बड़ियों की तकनीकी जांच की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डाटा के विश्लेषण के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल आयकर विभाग की यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
